समस्त आलेख (All Articles)

इतिहास, समाज, साहित्य, समसामयिक राजनीति और जीवन मूल्यों पर गंभीर व बेबाक वैचारिक स्तंभ।

कुल 10 आलेख मिले
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माता-पिता का ऋण और वृद्धाश्रमों का बढ़ता दायरा
मन की बात 5 मि.

माता-पिता का ऋण और वृद्धाश्रमों का बढ़ता दायरा

जिस आंगन में बचपन की किलकारियां गूंजती थीं, उसी आंगन के बुजुर्ग आज एकाकीपन के शिकार क्यों हो रहे हैं? एक विचारणीय सामाजिक प्रश्न।

24 Oct, 2026
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मुंशी प्रेमचंद की कालजयी कहानियां और आज का ग्रामीण भारत
साहित्य 4 मि.

मुंशी प्रेमचंद की कालजयी कहानियां और आज का ग्रामीण भारत

गोदान और कफ़न जैसी कृतियां आज भी हमें यह सोचने पर विवश करती हैं कि क्या किसानों और वंचितों की स्थिति में बुनियादी परिवर्तन आया है?

18 Oct, 2026
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प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय और ज्ञान का वह विशाल भंडार
इतिहास 5 मि.

प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय और ज्ञान का वह विशाल भंडार

तीन विशाल पुस्तकालय—रत्नसागर, रत्नोदधि और रत्नरंजक—जब महीनों तक जलते रहे, तो मानवता ने ज्ञान की कितनी बड़ी धरोहर खो दी?

17 Oct, 2026
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सफलता की परिभाषा और आंतरिक शांति का संतुलन
मन की बात 3 मि.

सफलता की परिभाषा और आंतरिक शांति का संतुलन

प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ में हम अक्सर यह भूल जाते हैं कि उपलब्धियों का मूल्य तभी है जब वे हमें भीतर से संतुष्ट और शांत बना सकें।

09 Oct, 2026
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रक्तदान महादान: एक संकल्प जो जीवन बचाता है
रील 2 मि.

रक्तदान महादान: एक संकल्प जो जीवन बचाता है

इस आलेख में रक्तदान महादान: एक संकल्प जो जीवन बचाता है से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है। यह बिंदास धीरज मंच का एक गंभीर एवं विचारोत्तेजक विश्लेषण है।

05 Oct, 2026
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मध्यकालीन भारतीय इतिहास लेखन की सीमाएं और भ्रांतियां
समीक्षा 6 मि.

मध्यकालीन भारतीय इतिहास लेखन की सीमाएं और भ्रांतियां

मध्यकालीन इतिहास के अधिकांश स्रोत दरबारी इतिवृत्त रहे हैं। क्या किसी शासक के वेतनभोगी लेखक की रचनाओं को संपूर्ण ऐतिहासिक सत्य माना जा सकता है?

02 Oct, 2026
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भीड़ में अकेलेपन का सच और आधुनिक जीवन की व्यस्तता
मन की बात 4 मि.

भीड़ में अकेलेपन का सच और आधुनिक जीवन की व्यस्तता

महानगरों की तेज रफ्तार जिंदगी में इंसान हर पल सैकड़ों लोगों से घिरा रहता है, फिर भी अंतर्मन में एक गहरा सन्नाटा क्यों महसूस होता है? एक आत्मीय विश्लेषण।

16 Sep, 2026
2 3,136
मुंबई की बारिश, ऑटो वाले भैया और कभी न मिलने वाला चेंज
चुहलबाजी 3 मि.

मुंबई की बारिश, ऑटो वाले भैया और कभी न मिलने वाला चेंज

बारिश के मौसम में बांद्रा से अंधेरी जाना किसी एवरेस्ट चढ़ाई से कम नहीं होता, और ऑटो वाले भैया का मीटर तो जैसे गति का नया नियम लिखता है!

16 Sep, 2026
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